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मंथन क्रमांक 21 श्रमशोषण और मुक्ति -बजरंग मुनि
मंथन क्रमांक 21 श्रमशोषण और मुक्ति व्यक्ति अपने जीवनयापन के लिए तीन माध्यमों का उपयोग करता है- (1) श्रम (2) बुद्धि (3) धन। जिस व्यक्ति के जीवनयापन की आधे से अधिक आय शारीरिक श्रम से होती है उसे श्रमजी...
मंथन क्रमांक 20 ग्राम संसद अभियान- बजरंग मुनि
दो कथानक विचारणीय है- 1 प्रबल राक्षस किसी तरह मर ही नहीं रहा था क्योंकि कथानक के अनुसार उसके प्राण सात समुद्र पार पिंजरे में बंद तोते के गले में थे। तोते को मारते ही राक्षस की मृत्यु हो गई। 2 राव...
मंथन क्रमांक-19 #विचार और #साहित्य-बजरंग मुनि
साहित्य और विचार एक दूसरे के पूरक होते हैं। एक के अभाव में दूसरे की शक्ति का प्रभाव नही होता। विचार तत्व होता है, मंथन का परिणाम होता है, मस्तिष्क ग्राह्य होता है तो साहित्य विचारक के निष्कर्ष...
मंथन क्रमांक 18 मंहगाई का भूत-बजरंग मुनि
भूत और भय एक दूसरे के पूरक होते है। भूत से भय होता है और भय से भूत। भूत का अस्तित्व लगभग न के बराबर ही होता है और इसलिये उसका अच्छा या बुरा प्रभाव भी नही होता किन्तु लगभग शत प्रतिशत व्यक्ति भूत से...
अपराध और अपराध नियंत्रण-बजरंग मुनि
धर्म ,राष्ट्र और समाज रुपी तीन इकाईयों के संतुलन से व्यवस्था ठीक चलती है। यदि इन तीनों में से कोई भी एक खींचतान करने लगे तो अपराधों का बढना स्वाभाविक हैं । दुनिया में इन तीनों में भारी असंतुलन ...
जे एन यू संस्कृति और भारत- बजरंग मुनि
भारत में स्वतंत्रता के समय से ही दो विचारधाराएॅ एक दूसरे के विपरीत प्रतिस्पर्धा कर रही थीं (1)गॉधी विचार (2) नेहरु विचार। गॉधी विचारधारा आर्य संस्कारों से प्रभावित थी जिसे अब वैदिक,सनातन हिन्द...
मंथन क्रमांक-15 विषय- कृषि और पर्यावरण का संतुलन कैसे
यदि हम सम्पूर्ण भारत का आकलन करें तो पूरे देश में पर्यावरण प्रदूषण एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। समाधान के लिए अन्य अनेक उपायो में से वन विस्तार को सर्वाधिक महत्व दिया जाता है। भारत की न्...
मंथन क्रमांक-14 विषय- दहेज प्रथा समीक्षा
हम एक सप्ताह से दहेज प्रथा विषय पर विचार मंथन कर रहे है । आज शुक्रवार है और कल से कृषि और पर्यावरण विषय की समीक्षा शुरु होगी। दहेज विषय पर कुछ निष्कर्ष निकाले गये है - 1 दहेज नहीं लेना एक आदर्श स्...
मंथन क्रमांक-14 विषय- दहेज प्रथा प्रश्नोत्तर
1- प्रश्न -आपने दहेज प्रथा का एकपक्षीय विरोध किया हैं जबकि मैं देखता हॅू कि अनेक परिवारों में विवाह के बाद भी दहेज के लिए दबाव डाला जाता है और कभी कभी तो हत्या या आत्महत्या भी हो जाती है। विवाह के...
मंथन क्रमांक-14 विषय- दहेज प्रथा
भारत 125 करोड़ व्यक्तियों का देश है और उसमें प्रत्येक व्यक्ति के प्राकृतिक अधिकार समान हैं। इनमें किसी भी प्रकार का महिला या पुरुष या कोई अन्य भेदभाव नहीं किया जा सकता। इसका अर्थ हुआ कि प्रत्ये...

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एन्डरसन को फंसी दी जनि चाहिए या नहीं ?

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क्या हमारे पास वोट देने के अलावा ऐसा कोई अधिकार है जिन्हें संसद हमसे छीन सकती है?

संसद अपनी आवश्यकता अनुसार जब चाहे हमारे सारे अधिकार छीन सकती है जैसा की इन्द्रा जी ने आपातकाल लगा कर किया था|

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