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न्यायपालिका
व्यक्ति तथा ना गरिक की भूमिकाएॅ अलग अलग होती है, भले ही दोनों का संचालक एक ही होता हैं। व्यक्ति समाज का अंग होता है तो नागरिक राष्ट्र का। व्यक्ति के रूप में उसे मौलिक तथा सामाजिक अधिकार प्...
परिवार व्यवस्था
अब तक परिवार को प्राकृतिक इकाई माना जाता रहा है जो मेरे विचार में गलत है । परिवार एक संगठन हैं, प्राकृतिक इकाई नही। व्यक्ति से लेकर समाज तक व्यवस्था के दो क्रम प्रचलित रहे हैं। 1 व्यक्ति परिवार,...
न्यायिक सक्रियता कितनी समस्या? क्या समाधान?
आजकल न्यायपालिका और विधायिका के आपसी संबंधो में प्रत्यक्ष टकराव की भूमिका बन गई है। टकराव सडको पर आना बाकी था जो उत्तराखण्ड मामले में उच्च न्यायालय द्वारा राष्ट्रपति के विरुद्ध की गई टिप्प...
केन्द्र सरकार का महत्वपूर्ण नीति परिवर्तन
भारत सरकार ने अपनी नीतियों में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए घोषित किया है कि भविष्य में खेती के लिए कृत्रिम खाद को निरुत्साहित तथा जैविक खाद को प्रोत्साहित किया जायेगा। इस बदलाव की गति इतनी अधि...
अपराध और अपराध नियंत्रण
समाज की जिस इकाई को सरकार कहते है उसका दायित्व होता है सुरक्षा ओैर न्याय । अन्य सभी कार्य उसके स्वैच्छिक कर्तव्य होते है, दायित्व नहीं । इसका अर्थ हुआ कि सरकार षिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, जैसे ...
डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर किस वर्ग के नायक और किसके खलनायक
डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर का जन्मदिन पूरे भारत में धूमधाम से मनाया जा रहा है। लगभग सर्वसम्मति बनी हुई है और कहीं कोई समीक्षा या आलोचना के स्वर नहीं सुनाई दे रहे।प्रश्न उठता है कि अम्बेडकर जी किस वर...
केरल मंदिर दुर्घटना और राजनेताओं का नाटक
एक सर्वमान्य सिद्धांत के अनुसार सुरक्षा और न्याय राज्य का दायित्व होता है तथा अन्य जनकल्याण के कार्य उसका कर्तव्य। सुरक्षा और न्याय तंत्र के लिए बाध्यकारी होता है जबकि जनकल्याणकारी कार्य उ...
खबरें इस सप्ताह की 16-12-2012 से 22-12-2012
इस सप्ताह एक महत्वपूर्ण घटना क्रम में गुजरात के मुख्य मंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात का चुनाव सफलता पूर्वक जीत लिया तथा भारतीय जनता पार्टी हार गई। जिस दिन गड़करी जी की पोल खुली उसके बाद पूरे ...
लोक संसद का प्रारुप
प्रस्ताव   1. वर्तमान लोकसभा के समकक्ष एक लोकसंसद हो। लोकसंसद की सदस्य संख्या‚ चुनाव प्रणाली तथा समय सीमा वर्तमान लोक सभा के समान हो। चुनाव भी लोकसभा के साथ हो किन्तु चुनाव दलीय आधार पर न ह...
“लोक स्वराज मंच” तथा “ज्ञान क्रांति अभियान” के तत्वावधान में संपर्क यात्रा…!
पिछले कुछ महिनों की परिस्थितियों से स्पष्ट है कि वर्तमान भारत में "लोक" "तंत्र" पर संप्रभुता स्थापित करने हेतु कटिबद्ध है । राजनीति पर समाज के अंकुश की इच्छा अब उत्तरोत्तर बलवती हो रही है । इस ज...

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एन्डरसन को फंसी दी जनि चाहिए या नहीं ?

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क्या हमारे पास वोट देने के अलावा ऐसा कोई अधिकार है जिन्हें संसद हमसे छीन सकती है?

संसद अपनी आवश्यकता अनुसार जब चाहे हमारे सारे अधिकार छीन सकती है जैसा की इन्द्रा जी ने आपातकाल लगा कर किया था|

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