Poem

Posted By: admin on May 6, 2010 in - Comments: 1 Comment »

नया विधान बनायेंगे हम नया विधाना बनायेंगे।
नेता, कर कानून बदलकर,  भ्रष्टाचार मिटायेंगे।।
मूलभूत अधिकारों का, पूरा-पूरा हो संरक्षण।
जीने का, अभिव्यक्ति और सम्पति का होगा रक्षण।
एक देह है एक संहिता, सबके लिये बनायेंगे।।
श्रम का मूल्य बढ़ेगा इसमें, तब भागेगी बेकारी।
काम मिले हर हाथ को, अपनी ऐसी होगी तैयारी।।
शोषण भ्रष्टाचार मिटाकर, खुशहाली हम लायेंगे।
एक बिन्दु कर का आरोपण, करना है इसमें भाई।
मूल्य नियन्त्रण होने पर ही, घट सकती है मंहगाई।।
सत्ता मिट नही पाये, यह प्रवधान हम लायेंगे।
जुर्म नियन्त्रण की गांरटी, देगी अब सरकार यहां।
अमन चैन हो, पनप न पाये, कोई भ्रष्टाचार यहां।।
एक देश हम एक यहां पर, सबको गले लगायेंगे।
नेता, कर कानून बदलकर, भ्रष्टाचार मिटायेंगे।।

One Response

You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0 feed.

You can leave a response, or trackback from your own site.

  1. बहुत ही अच्छा और प्रेरणा स्रोत लेखनी है ! एक गंभीर चिंतन है !

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.

Polls

एन्डरसन को फंसी दी जनि चाहिए या नहीं ?

View Results

क्या हमारे पास वोट देने के अलावा ऐसा कोई अधिकार है जिन्हें संसद हमसे छीन सकती है?

संसद अपनी आवश्यकता अनुसार जब चाहे हमारे सारे अधिकार छीन सकती है जैसा की इन्द्रा जी ने आपातकाल लगा कर किया था|

kaashindia
Copyright - All Rights Reserved / Developed By Weblinto Technologies Thanks to Tulika & Ujjwal