Lets change India
ज्ञानोत्सव 2019, दिनांक 13.09.2019 को द्वितीय सत्र
दोपहर होने वाले विचार मंथन का विषय क्रमांक-27 "वर्ग समन्वय या वर्ग संघर्ष" .......................................................................... कुछ सर्वमान्य सिद्धांत हैंः- 1. शासन दो प्रकार के होते हैं- 1. तानाशाही 2. लोकतंत्र। तानाशाह...
ज्ञानोत्सव 2019, दिनांक 13.09.2019 को प्रथम सत्र
सुबह होने वाले विचार मंथन का विषय क्रमांक-26 "भौतिक उन्नति या नैतिक पतन" .....................................…................................. कुछ सर्वस्वीकृत सिद्धांत हैं- 1. किसी भी व्यक्ति की भौतिक उन्नति का लाभ मुख्य रुप से व्यक्ति...
ज्ञानोत्सव 2019, दिनांक 12.09.2019 को द्वितीय सत्र
दोपहर बाद होने वाले विचार मंथन का विषय क्रमांक-26 "महिला सशक्तिकरण समस्या या समाधान " .....................................…................................. कुछ सर्वस्वीकृत निष्कर्ष हैंः- 1. पति और पत्नी के बीच आपसी संबंधों में प्रायः प...
ज्ञानोत्सव 2019, दिनांक 12.09.2019 को प्रथम सत्र
सुबह होने वाले विचार मंथन का विषय क्रमांक-25 "वर्ण-व्यवस्था" .....................................…................................. कुछ सर्वस्वीकृत निष्कर्ष हैंः- 1. वर्ण व्यवस्था एक सामाजिक व्यवस्था थी न कि कोई बुराई। 2. वर्ण और जाति अ...
ज्ञानोत्सव 2019, दिनांक 11.09.2019 को द्वितीय सत्र
दोपहर बाद होने वाले विचार मंथन का विषय क्रमांक-24 "वैदिक संस्कृति और वर्तमान भारतीय संस्कृति" ........................................................................ कुछ सर्वस्वीकृत निष्कर्ष हैंः- 1. वैदिक धर्मावलम्बी सत्य, ज्ञान, विवे...
ज्ञानोत्सव 2019, दिनांक 11.09.2019 को प्रथम सत्र
सुबह होने वाले विचार मंथन का विषय क्रमांक-23 "धर्म और संस्कृति" ....................................................................... कुछ सर्व-स्वीकृत निष्कर्ष हैंः- 1. धर्म विज्ञान, विचार और मस्तिष्क से नियंत्रित होता है तो संस्कृति प...
ज्ञानोत्सव 2019, दिनांक 10.09.2019 को द्वितीय सत्र
दोपहर बाद होने वाले विचार मंथन का विषय क्रमांक-22 "व्यक्ति, परिवार और समाज" ........................................................................... कुछ सर्वस्वीकृत निष्कर्ष हैंः- 1. परिवार समाज व्यवस्था की पहली जीवंत इकाई है। परिवार स्...
ज्ञानोत्सव 2019, दिनांक 10.09.2019 को प्रथम सत्र
सुबह होने वाले विचार मंथन का विषय क्रमांक-21 "संयुक्त परिवार प्रणाली" ................................................................ कुछ सर्वस्वीकृत निष्कर्ष हैंः- 1. मैं यह अनुभव करता हूं समाज व्यवस्था की प्रतिस्पर्धा में भारत क...
ज्ञानोत्सव 2019, दिनांक 09.09.2019 को प्रथम सत्र
सुबह होने वाले विचार मंथन का विषय क्रमांक-19 "भारत विभाजन भूल या मजबूरी" ........................................................................ ये कुछ सर्वस्वीकृत सिद्धान्त व निष्कर्ष हैं जो हमें भारत विभाजन को आसानी से समझने मे मदद क...
ज्ञानोत्सव 2019, दिनांक 08.09.2019 को द्वितीय सत्र
सुबह होने वाले विचार मंथन का विषय क्रमांक-18 "अपराध और अपराध नियंत्रण" ............................................................................ कुछ सर्वस्वीकृत सिद्धान्त/मान्यताएं हैंः- 1. व्यक्ति के मूल अधिकारों के उल्लंघन को अपराध (क...

“लोक स्वराज मंच” तथा “ज्ञान क्रांति अभियान” के तत्वावधान में संपर्क यात्रा…!

Posted By: admin on November 5, 2012 in Recent Topics - Comments: No Comments »

पिछले कुछ महिनों की परिस्थितियों से स्पष्ट है कि वर्तमान भारत में “लोक” “तंत्र” पर संप्रभुता स्थापित करने हेतु कटिबद्ध है । राजनीति पर समाज के अंकुश की इच्छा अब उत्तरोत्तर बलवती हो रही है । इस जनजागरण का श्रेय भारतीय समाज को तो जाता ही है‚ साथ-साथ समूची राजनैतिक व्यवस्था की बंदरबांट वृत्ति के खुलासों ने भी इस जन-जागरण को पुष्ट ही किया है ।

अब भारत की जनता “सत्ता परिवर्तन” एवं “व्यवस्था परिवर्तन” का भेद जानने लगी है तथा व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में कार्यरत समूहों को शक्ति प्रदान करने लगी है‚ चाहे वह “लोक स्वराज मंच” हो‚ अन्ना हजारे हों‚ अरविन्द केजरीवाल हो‚ या अनेकानेक स्थानीय आन्दोलन।

परिवर्तन की चाह तथा कार्यान्वयन में अंतर होता है‚ क्योंकि चाह नीयत-प्रधान होती है एवं कार्यान्वयन नीति-प्रधान । जयप्रकाश आन्दोलन में भी नीयत ठीक रहीं‚ नीतियाँ गड़बड़ाईं । आज 35 साल बाद फिर ऐसा ही सुनहरा मौक़ा भारत के सामने है‚ बशर्ते उस समय की नीतिगत त्रुटियों की पुनरावृत्ति से बचा जाय तो सम्पूर्ण क्रान्ति निश्चित तौर पर संभव है ।

“लोक स्वराज मंच” 1999 से ही व्यवस्था परिवर्तन कार्यान्वयन के नीतिगत मसलों में स्पष्ट रहा है । “भावी भारत का संविधान” एवं “लोक संसद” के विचार इसके प्रमाण हैं । बदलते भारत को इन विचारों से प्रत्यक्ष परिचय करवाने हेतु “लोक स्वराज मंच” ने व्यापक जन-चेतना यात्रा २२ नवम्बर २०१२ से प्रारंभ की है‚ जो विभिन्न चरणों में देश भर के १०० केन्द्रों में ३१ मार्च २०१२ तक पूर्ण की जायेगी ।

 

इस यात्रा के अंतर्गत “ज्ञान क्रांति अभियान” विचार मंथन को भी प्रोत्साहित करने का प्रयास करेगा । पूरी यात्रा का संचालन‚  राजीव माहेश्वरी – 0 91790 45559‚ रमेश चौबे – 0 84350 23029 तथा नरेन्द्र सिंह – 0 73898 90738 मिलकर करेंगे ।

आप भी “लोक स्वराज मंच” के माध्यम से बदलते भारत के नवनिर्माण में सहयोगी बनें तथा आपसे निवेदन है कि आप भी इस यात्रा में अपनी क्षमता अनुसार सहयोग करने की कृपा करें ।                                                                                                                                                                                                                         

अध्यक्ष:- सिद्धार्थ शर्मा   “लोक स्वराज मंच

संरक्षक:-  श्री बजरंग मुनि - 0 96170 79344   

 

Polls

एन्डरसन को फंसी दी जनि चाहिए या नहीं ?

View Results

क्या हमारे पास वोट देने के अलावा ऐसा कोई अधिकार है जिन्हें संसद हमसे छीन सकती है?

संसद अपनी आवश्यकता अनुसार जब चाहे हमारे सारे अधिकार छीन सकती है जैसा की इन्द्रा जी ने आपातकाल लगा कर किया था|

kaashindia
Copyright - All Rights Reserved / Developed By Weblinto Technologies Thanks to Tulika & Ujjwal