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मंथन क्रमांक-45 शिक्षा व्यवस्था- बजरंग मुनि
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मंथन क्रमांक 43 दुनिया में लोकतंत्र कितना आदर्श कितना विकृत-बजरंग मुनि
दुनिया में भारत विचारों की दृष्टि से सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना जाता था। भारत जब गुलाम हुआ तब भारत में चिंतन बंद हुआ तथा भारत विदेशों की नकल करने लगा। पश्चिम के देशों ने तानाशाही के विकल्प ...
मंथन क्रमांक 39 अर्थ पालिका, एक व्यावहारिक सुझाव
दुनियां में साम्प्रदायिकता, धन और उच्श्रृंखलता के बीच बड़ी होड़ मची हुई है। तीनों ही येन केन प्रकारेण राज्य शक्ति के साथ अधिक से अधिक जुड़कर दुनियां में सबसे आगे निकलने की कोषिष कर रहे हंै। उच्श...
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परिवार में शामिल प्रत्येक व्यक्ति के परिवार में रहते तक सामाजिक संवैधानिक तथा प्राकृतिक अधिकार शून्यवत् हो जाते हैं ।क्या आप इससे सहमत हैं?
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“लोक स्वराज मंच” तथा “ज्ञान क्रांति अभियान” के तत्वावधान में संपर्क यात्रा…!

Posted By: admin on November 5, 2012 in Recent Topics - Comments: No Comments »

पिछले कुछ महिनों की परिस्थितियों से स्पष्ट है कि वर्तमान भारत में “लोक” “तंत्र” पर संप्रभुता स्थापित करने हेतु कटिबद्ध है । राजनीति पर समाज के अंकुश की इच्छा अब उत्तरोत्तर बलवती हो रही है । इस जनजागरण का श्रेय भारतीय समाज को तो जाता ही है‚ साथ-साथ समूची राजनैतिक व्यवस्था की बंदरबांट वृत्ति के खुलासों ने भी इस जन-जागरण को पुष्ट ही किया है ।

अब भारत की जनता “सत्ता परिवर्तन” एवं “व्यवस्था परिवर्तन” का भेद जानने लगी है तथा व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में कार्यरत समूहों को शक्ति प्रदान करने लगी है‚ चाहे वह “लोक स्वराज मंच” हो‚ अन्ना हजारे हों‚ अरविन्द केजरीवाल हो‚ या अनेकानेक स्थानीय आन्दोलन।

परिवर्तन की चाह तथा कार्यान्वयन में अंतर होता है‚ क्योंकि चाह नीयत-प्रधान होती है एवं कार्यान्वयन नीति-प्रधान । जयप्रकाश आन्दोलन में भी नीयत ठीक रहीं‚ नीतियाँ गड़बड़ाईं । आज 35 साल बाद फिर ऐसा ही सुनहरा मौक़ा भारत के सामने है‚ बशर्ते उस समय की नीतिगत त्रुटियों की पुनरावृत्ति से बचा जाय तो सम्पूर्ण क्रान्ति निश्चित तौर पर संभव है ।

“लोक स्वराज मंच” 1999 से ही व्यवस्था परिवर्तन कार्यान्वयन के नीतिगत मसलों में स्पष्ट रहा है । “भावी भारत का संविधान” एवं “लोक संसद” के विचार इसके प्रमाण हैं । बदलते भारत को इन विचारों से प्रत्यक्ष परिचय करवाने हेतु “लोक स्वराज मंच” ने व्यापक जन-चेतना यात्रा २२ नवम्बर २०१२ से प्रारंभ की है‚ जो विभिन्न चरणों में देश भर के १०० केन्द्रों में ३१ मार्च २०१२ तक पूर्ण की जायेगी ।

 

इस यात्रा के अंतर्गत “ज्ञान क्रांति अभियान” विचार मंथन को भी प्रोत्साहित करने का प्रयास करेगा । पूरी यात्रा का संचालन‚  राजीव माहेश्वरी – 0 91790 45559‚ रमेश चौबे – 0 84350 23029 तथा नरेन्द्र सिंह – 0 73898 90738 मिलकर करेंगे ।

आप भी “लोक स्वराज मंच” के माध्यम से बदलते भारत के नवनिर्माण में सहयोगी बनें तथा आपसे निवेदन है कि आप भी इस यात्रा में अपनी क्षमता अनुसार सहयोग करने की कृपा करें ।                                                                                                                                                                                                                         

अध्यक्ष:- सिद्धार्थ शर्मा   “लोक स्वराज मंच

संरक्षक:-  श्री बजरंग मुनि - 0 96170 79344   

 

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