Lets change India
हिन्दू संस्कृति या भारतीय संस्कृति
धर्म और संस्कृति कुछ मामलो मे एक दूसरे के पूरक भी होते है और कुछ मामलो मे अलग अलग भी। धर्म दूसरे के प्रति किये जाने वाले हमारे कर्तब्य तक सीमित होता है। जबकि संस्कृति का प्रभाव दूसरो के प्रति ...
कर्मचारी आंदोलन कितना उचित कितना अनुचित
कोई भी शासक अपने कर्मचारियों के माध्यम से ही जनता को गुलाम बनाकर रख पाता है। लोकतंत्र मे तो यह और भी ज्यादा आवश्यक है। इसके लिये यह आवश्यक है कि वह अपने कर्मचारियों को ज्यादा से ज्यादा संतुष्ट...
मंथन क्रमांक 87 पर्दा प्रथा
कुछ प्राकृतिक सिद्धान्त है जो समाज द्वारा मान्य है। 1 दुनिया के कोई भी दो व्यक्ति सभी गुणो मे कभी एक समान नही होते। सबमे कुछ न कुछ असमानता अवश्य होती है। 2 संपूर्ण मनुष्य जाति मे महिला और पुरू...
सामयिकी–बजरंग मुनि
लम्बे समय से दुनियां की अर्थ व्यवस्था श्रम शोषण के आधार पर अपनी योजनाएं बनाती रही है। स्वतंत्रता के बाद भारत भी उनकी नकल करता रहा । भारत की सम्पूर्ण अर्थ व्यवस्था मे गरीब ग्रामीण श्रमजीवी कि...
ज्ञान यज्ञ–बजरंग मुनि
ज्ञान यज्ञ का कार्येक्रम 3 घंटे व प्रति माह अम्बिकापुर छ०ग० दिनाँक:- 22 मई 2018 दिन मंगलवार समय:- सायं 06.30 बजे से 09.30 बजे तक सयुंक्त परिवार विषय पर चर्चा, स्थान:- अग्रेसन भवन अम्बिकापुर छत्तीसगढ़ में रखा ...
जालसाजी धोखाधडी–बजरंग मुनि
किसी व्यक्ति से कुछ प्राप्त करने के उद्देश्य से उसे धोखा देकर प्राप्त करने का जो प्रयास किया जाता है उसे जालसाजी कहते है। जालसाजी धोखाधडी ठगी विश्वसघात आदि लगभग समानार्थी शब्द होते है । बहु...
सामयिकी–बजरंग मुनि
जो काम जान बूझकर बुरी नीयत से किये जाये वही अपराध होते है, अन्य नही । यदि पूरे भारत की कुल आबादी का आकलन करे तो अपराधियो की संख्या एक प्रतिशत से भी कम हो सकती है। इसमे भी हिंसा और मिलावट या जालसा...
सामयिकी– कसडोल छत्तीसगढ की एक घटना के अनुसार–बजरंग मुनि
पति की प्रताडना से परेशान होकर शादीशुदा बेटी घर बैठी है। उसे ससुराल मे जलाने की कोशिश हुई तो मामला पुलिस तक और फिर कोर्ट कचहरी तक जा पहॅुचा । इसी से नाराज होकर समाज ने विवाहिता के पूरे परिवार ...
सामयिकी–बजरंग मुनि
मै एक आस्थावान हिन्दू हॅू और गांधी को स्वामी दयानंद के बाद का सर्वश्रेष्ठ महापुरूष मानता हॅू। मेरा सर्वोदय और संघ परिवार से निकट का संबंध है यद्यपि दोनो एक दूसरे के शत्रुवत है। कुछ मुददो पर ...
मंथन क्रमांक 84 चोरी, डकैती और लूट–बजरंग मुनि
प्रत्येक व्यक्ति की स्वतंत्रता उसका मौलिक अधिकार होता है। ऐसी स्वतंत्रता मे कोई भी अन्य किसी भी परिस्थिति मे तब तक कोई बाधा नही पहुंचा सकता जब तक वह स्वतंत्रता किसी अन्य की स्वतंत्रता मे बा...

“लोक स्वराज मंच” तथा “ज्ञान क्रांति अभियान” के तत्वावधान में संपर्क यात्रा…!

Posted By: admin on November 5, 2012 in Recent Topics - Comments: No Comments »

पिछले कुछ महिनों की परिस्थितियों से स्पष्ट है कि वर्तमान भारत में “लोक” “तंत्र” पर संप्रभुता स्थापित करने हेतु कटिबद्ध है । राजनीति पर समाज के अंकुश की इच्छा अब उत्तरोत्तर बलवती हो रही है । इस जनजागरण का श्रेय भारतीय समाज को तो जाता ही है‚ साथ-साथ समूची राजनैतिक व्यवस्था की बंदरबांट वृत्ति के खुलासों ने भी इस जन-जागरण को पुष्ट ही किया है ।

अब भारत की जनता “सत्ता परिवर्तन” एवं “व्यवस्था परिवर्तन” का भेद जानने लगी है तथा व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में कार्यरत समूहों को शक्ति प्रदान करने लगी है‚ चाहे वह “लोक स्वराज मंच” हो‚ अन्ना हजारे हों‚ अरविन्द केजरीवाल हो‚ या अनेकानेक स्थानीय आन्दोलन।

परिवर्तन की चाह तथा कार्यान्वयन में अंतर होता है‚ क्योंकि चाह नीयत-प्रधान होती है एवं कार्यान्वयन नीति-प्रधान । जयप्रकाश आन्दोलन में भी नीयत ठीक रहीं‚ नीतियाँ गड़बड़ाईं । आज 35 साल बाद फिर ऐसा ही सुनहरा मौक़ा भारत के सामने है‚ बशर्ते उस समय की नीतिगत त्रुटियों की पुनरावृत्ति से बचा जाय तो सम्पूर्ण क्रान्ति निश्चित तौर पर संभव है ।

“लोक स्वराज मंच” 1999 से ही व्यवस्था परिवर्तन कार्यान्वयन के नीतिगत मसलों में स्पष्ट रहा है । “भावी भारत का संविधान” एवं “लोक संसद” के विचार इसके प्रमाण हैं । बदलते भारत को इन विचारों से प्रत्यक्ष परिचय करवाने हेतु “लोक स्वराज मंच” ने व्यापक जन-चेतना यात्रा २२ नवम्बर २०१२ से प्रारंभ की है‚ जो विभिन्न चरणों में देश भर के १०० केन्द्रों में ३१ मार्च २०१२ तक पूर्ण की जायेगी ।

 

इस यात्रा के अंतर्गत “ज्ञान क्रांति अभियान” विचार मंथन को भी प्रोत्साहित करने का प्रयास करेगा । पूरी यात्रा का संचालन‚  राजीव माहेश्वरी – 0 91790 45559‚ रमेश चौबे – 0 84350 23029 तथा नरेन्द्र सिंह – 0 73898 90738 मिलकर करेंगे ।

आप भी “लोक स्वराज मंच” के माध्यम से बदलते भारत के नवनिर्माण में सहयोगी बनें तथा आपसे निवेदन है कि आप भी इस यात्रा में अपनी क्षमता अनुसार सहयोग करने की कृपा करें ।                                                                                                                                                                                                                         

अध्यक्ष:- सिद्धार्थ शर्मा   “लोक स्वराज मंच

संरक्षक:-  श्री बजरंग मुनि - 0 96170 79344   

 

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